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हरित ऊर्जा और भारत की सफलता |‘हरित’ विद्युत क्षमता | Vajirao & Reddy Institute तय समय से पांच वर्ष पूर्व ही भारत की ‘हरित’ विद्युत क्षमता ताप विद्युत से आगे निकल गई: परिचय: ● भारत ने तय समय से पाँच साल पहले ही जलवायु परिवर्तन के एक अहम पड़ाव को छू लिया है—30 जून तक, देश की स्थापित बिजली क्षमता में गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों की हिस्सेदारी 50.1 प्रतिशत है। ● ये ‘हरित’ विद्युत स्रोत—जिनमें परमाणु, बड़ी पनबिजली और नवीकरणीय ऊर्जा शामिल हैं—2015 में स्थापित क्षमता का केवल 30 प्रतिशत और 2020 में 38 प्रतिशत थे, लेकिन पिछले पाँच वर्षों में सौर और पवन ऊर्जा के बल पर इनमें तेज़ी से वृद्धि हुई है। ● उल्लेखनीय है कि 2015 में जब जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, तब भारत ने 2030 तक...
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